Common questions asked in Bank interview

Common questions asked in Bank interview
इन सवालों की तैयारी दिलाएगी बैंक जॉब्स में सफलता

बैंक जॉब्स हासिल करने के लिए रिटन टेस्ट की तरह ही इंटरव्यू भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। कुछ सवालों की तैयारी आपको बैंक जॉब्स के लिए जरूर करनी चाहिए। 

अपने बारे में बताइए

कॉमन से लगने वाले इस सवाल से अक्सर इंटरव्यू की शुरुआत होती है। डिटेल में जाने की बजाय कैंडिडेट को अपना नाम, शहर, वर्तमान काम व शैक्षणिक योगयता के बारे में बताना चाहिए। संक्षिप्त में माता पिता के जॉब के बारे में भी बता सकते हैं। पिता के जॉब के बारे में आपसे क्रॉस क्वेश्चन किया जा सकता है, उदाहरण के तौर पर अगर आपके पिता शिक्षक हैं तो आप बैंकर क्यों बनना चाहते हैं। ऐसे सवालों के सटीक जवाब के लिए भी तैयार रहना चाहिए। आपको अपने नाम का सही मतलब पता होना चाहिए। शुरू में नर्वस होने के बजाय चेहरे पर मुस्कुराहट रखें और आगे के सवालों के लिए आत्मविश्वास के साथ तैयार रहें।

आप किस शहर से हैं और वहां क्या प्रसिद्ध है

कैंडिडेट को अपने शहर और राज्य के बारे में बताना चाहिए। अगर बोर्ड वहां के बारे में स्पेसिफिक जानकारी मांगता है तो आपको इस बारे में पता होना चाहिए। आपका शहर किस लिए प्रसिद्ध है इसके साथ साथ लोकल पॉलिटिक्स पर भी नजर रखें। अच्छा जीके आपको अपने साथियों से आगे रहने में हेल्प करेगा। ऐसे सवालों का बेहतर जवाब बोर्ड पर पॉजिटिव इंम्पैक्ट क्रिएट करता है।

आप बैंकिंग इंडस्ट्री क्यों जॉइन करना चाहते हैं

इस सवाल के जवाब में आप कह सकते हैं मैं इस इंडस्ट्री को इसलिए जॉइन करना चाहता/चाहती हूं क्योंकि यह मुझे ग्रोथ की अच्छी संभावनाओं के साथ एक स्टेबल करियर दे सकती है। यह देश का तेजी से बढ़ता हुआ सेक्टर है जो बेहतरीन करियर अपॉर्चुनिटी देता है। इसके अलावा भी कई अन्य कारण हो सकते हैं, जिनकी वजह से आप इस सेक्टर से जुडऩा चाहते हों जैसे अच्छी वर्किंग कंडिशंस, पब्लिक डीलिंग आदि। 

अपनी खूबियों व कमजोरियों के बारे में बताइए

इसका जवाब व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है। खूबियां और कमियां आपके व्यक्तित्व से मिलती हुई होनी चाहिए। झूठ का सहारा न लें। सामान्य क्वालिटिज की बजाय बैंकिंग सेक्टर में काम आने वाली खूबियों का जिक्र करें मसलन अच्छी कम्यूनिकेशन स्किल्स। कमजोरियां बेहद नकारात्मक नहीं होना चाहिए। जैसे शॉर्ट टेंपर। याद रखें इस सवाल का उपयुक्त जवाब माहौल को आपके पक्ष में बना सकता है। अपने यूनिक टैलेंट का जिक्र भी कर सकते हैं।

बीएससी/बीएससी/एमबीए/बीटेक/एमए करने के बाद आप बैंकिंग को क्यों चुनना चाहते हैं। आपने ली गई डिग्री के क्षेत्र में करियर क्यों नहीं चुना।

सोच समझकर इस सवाल का जवाब दें। एमबीए कैंडिडेट कह सकते हैं अब एमबीए में अच्छी जॉब्स मुश्किल है। बैंकिंग सेफ सेक्टर है। अपने जवाबों में आपको बैंकिंग में अपनी रुचि को दर्शाना चाहिए। साक्षात्कारकर्ता को यह नहीं लगना चाहिए कि आपके पास कोई ऑप्शन नहीं था इसलिए आपने यह विकल्प चुना। साइंस स्ट्रीम के स्टूडेंट को न्यूटन का लॉ पूछा जा सकता है। डिग्री में आपने जो कुछ पढ़ा है उसे भी मोटे तौर पर रिवाइज कर लें।

एक अकाउंट खोलने के लिए जरूरी बेसिक अकाउंट कौनसे हैं

आरबीआई ने सभी बैंकों को नो योर कस्टमर गाइडलाइंस फॉलो करने के निर्देश दिए हैं, जहां अकाउंट होल्डर की कुछ व्यक्तिगत जानकारी बैंक के पास होती है जैसे फोटोग्राफ, आईडेंटिटी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ 2013 में केवायसी पेपर्स में आधार कार्ड और मनरेगा कार्ड भी शामिल हो चुके हैं। इन डॉक्यूमेंट्स के बिना कोई भी व्यक्ति अपना खाता नहीं खोल सकता।

आरबीआई गर्वनर कौन है?

रघुराम गोविंद राजन आरबीआई के 23वें गर्वनर हैं। इससे पहले आरबीआई में स्पेशल ड्यूटी पर ऑफिसर थे। उन्होंने पीएमईएसी में इकोनॉमिक एडवाइजर के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। उनकी कार्यअवधि सितंबर 2016 में खत्म होगी।

इसके अलावा आपको बैंकिंग इंडस्ट्री से जुड़ी प्रमुख पर्सनेलिटीज के बारे में भी पता होना चाहिए। खासतौर पर आरबीआई अधिकारियों के बारे में। 

बैंकिंग से जुड़ी लेटेस्ट घटनाओं के बारे में भी आपको अपडेट रहना चाहिए।
किसी देश की जीडीपी से आप क्या समझते हैं
जीडीपी किसी भी देश की आर्थिक सेहत को मापने का माध्यम है। भारत में जीडीपी की गणना प्रत्येक तिमाही में होती है। जीडीपी का आंकडा अर्थव्यवस्था के प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में उत्पादन की वृद्धि दर पर आधारित होता है।  जीडीपी के तहत तीन मुख्य घटक कृषि, उद्योग व सेवा आते हैं। इन क्षेत्रों में उत्पादन बढऩे या घटने के औसत के आधार पर जीडीपी दर तय होती है।

नॉन बैकिंग फाइनेंशियल(एनबीएफसी) कंपनी क्या होती है। बैंक और एनबीएफसी में क्या अंतर है। 

एनबीएफसी कंपनीज एक्ट 1956 के तहत रजिस्टर्ड कंपनी है जो लोन, शेयर/स्टॉक बिजनेस से जुड़ी है। ये ऐसे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन हैं जो बैंकिंग सर्विसेज उपलब्ध करवाते हैं, लेकिन इनके पास बैकिंग लाइसेंस नहीं होता। इन संस्थानों को जनता से डिपॉजिट प्राप्त करने की अनुमति नहीं होती। 
एनबीएफसी सभी प्रकार की बैंकिंग सर्विसेज ऑफर करती हैं मसलन लोन व क्रेडिट फैसिलिटीज, रिटायरमेंट प्लानिंग, मनी मार्केट्स, अंडरराइटिंग व मर्जर एक्टिविटीज। बैंक व एनबीएफसी में निम्र अंतर है
एनबीएफसी डिमांड डिपॉजिट नहीं स्वीकार सकते।
ये पेमेंट व सेटलमेंट सिस्टम का हिस्सा नहीं होते।
ये बैंकिंग एक्ट में रजिस्टर्ड नहीं हैं।
इन्हें बैंकों की तरह सीआरआर, एसएलआर या सीएएसए मेंटेन नहीं करना होता है।
राष्ट्रीयकृत बैंकों व प्राइवेट बैंकों में क्या अंतर है
राष्ट्रीयकृत बैंक पर देश की सरकार का स्वामित्व होता है। इन्हें पब्लिक सेक्टर बैंक भी कहा जाता है। जबकि प्राइवेट सेक्टर कंपनी पर किसी व्यक्ति या कंपनी का स्वामित्व होता है।
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