भौतिक विज्ञान में नये अवसर
भारत में विज्ञान के लिए नये दरवाजे लगातार खुलते जा रहे हैं। मेक इन इंडिया, मंगलयान और रक्षा क्षेत्र में किए जा रहे अनुसंधान लगातार ऐसे वैज्ञानिकों की मांग कर रहे हैं जो भौतिक विज्ञान को गहराई से समझते हों और जिनमें कुछ नया कर दिखाने की ललक हो। इससे पहले भारत इतने बेहतरीन प्लेटफाॅर्म के तौर पर नहीं देखा जाता था। इस बदलते परिदृश्य ने भौतिक विज्ञान को इस क्षेत्र में रूचि रखने वालों के लिए एक बेहतरीन करिअॅर के रूप में बदल दिया है। भौतिक विज्ञान को मूल विज्ञान के तौर पर देखा जाता है और अंततः यह विज्ञान की सभी शाखाओं को किसी न किसी तरह प्रभावित करता ही है। अपनी इस विशेषता की वजह से ढेरों अन्य क्षेत्रों में भौतिक विज्ञान की समझ रखने वालों की भारी मंाग पैदा हो गई है। स्पेस इंडस्ट्री से लेकर साईकिल उद्योग तक सभी लगातार अपने को बेहतर बनाने और उपभोक्ताओं के लिए नये उत्पाद खोज निकालने के लिए भौतिक विज्ञानियों के सहारे की तलाश कर रहे हैं।
भौतिक विज्ञान के विविध पाठ्यक्रम
भारत में अब इस विषय को लेकर कई विशेषज्ञ पाठ्यक्रमों की शुरूआत की जा चुकी हैं। ढेरों नये कोर्स भौतिक विज्ञान की कई उपशाखाओं में रूचि रखने वाले शोधार्थियों को लुभा रहे हैं। इस क्षेत्र में बीएससी इन अप्लाइड फिजिक्स, फिजिकल साइंसेज, फिजिक्स विद अलाइड कैमीस्ट्री, फिजिक्स विद अलाइड मैथमैटिक्स, एम एससी इन अप्लाइड फिजिक्स, एम.फिल इन फिजिक्स, मास्टर इन फिलोसिफी इन फिजिक्स, बायोफिजिक्स, जियोफिजिक्स, मरीन जियोफिजिक्स, रिन्युएबल एनर्जी, एस्ट्रोफिजिक्स इंजीनियरिंग फिजिक्स, मेडिकल फिजिक्स, साॅलिड स्टेट फीजिक्स, न्यूक्लियर फिजिक्स एंड टेक्नोलाॅजी, कैमिकल थर्माेडायनेमिक्स, काइनेमेटिक्स, मैटिरियल साइंसेज, न्यूक्लियर फिजिक्स, फाइबर आॅप्टिकल फिजिक्स, फ्लुइड फिजिक्स, माॅलीक्यूलर फिजिक्स और प्लाज्मा फिजिक्स में स्नातकोतर तथा पीएचडी जैसे कोर्सेज करके शोध और खोज की दुनिया में प्रवेश किया जा सकता है।
कहां से कर सकते हैं कोर्स?
भारत के लगभग सभी विश्वविद्यालय भौतिक विज्ञान के मूल पाठ्यक्रम संचालित करते हैं। इसके अलावा वे शोध की सुविधाएं उपलब्ध करवाते हैं। इसके अलावा बेहतरीन मस्तिष्कों के लिए भारत में आईआईटीज, टाटा इंस्टिट्यूट आॅफ फंडामेंटल रिसर्च, इंडियन इंस्टिट्यूट आॅफ साइंस, बैंगलोर और जवाहर लाल नेहरू टेक्नोलाॅजिकल युनिवर्सिटी भौतिक विज्ञान की विविध शाखाओं में विशेषज्ञता हासिल करने में मदद करते हैं।
कहां मिल सकते हैं अवसर?
भौतिक विज्ञान के विशेषज्ञों के लिए तो वैसे पूरी दुनिया में ही अवसरों की कमी नहीं है लेकिन भारत भी अब उनके लिए बेहतरीन करिअर स्पेस उपलब्ध करवा रहा है। भारत के सरकारी क्षेत्र में भाभा एटोमिक रिसर्च इंस्टिट्यूट, डिफेंस रिसर्च एंड डवलपमेंट आॅर्गेनाइजेशन और उसकी शाखा साॅलिड स्टेट फिजिक्स लेबोरेट्री, इंडियन स्पेस रिसर्च आॅर्गेनाइजेशन, स्पेस एप्लीकेशन सेंटर्स, नेशनल एटमाॅसफेयरिक रिसर्च लेबोरेट्री आॅफ डिपार्टमेंट आॅफ स्पेस, इंटर यूनिवर्सिटी एसीलेटर्स सेंटर्स, इंदिरा गांधी सेंटर फाॅर एटाॅमिक रिसर्च, कलपक्क्म, राजा रमन्ना सेंटर आॅफ एंडवास्ड टेक्नोलाॅजी, इंदौर, वेरिएबल एनर्जी साइक्लोट्रोन सेंटर, कोलकाता, यूरेनियम काॅरपोरेशन आॅफ इंडिया लिमिटेड, न्यूक्लियर पावर काॅरपोरेशन आॅफ इंडिया लिमिटेड, न्यूक्लियर फ्यूल काॅम्प्लेक्स, हैवी वाटर बोर्ड और एटाॅमिक मिनरल डायरेक्ट जैसी संस्थाओं को भौतिक विज्ञान विशेषज्ञों की हमेशा आवश्यकता रहती है। इसके अलावा शोध संस्थानों में फिजिक्स रिसर्च लेबोरेट्री, इंस्टिट्यूट आॅफ प्लाज्मा रिसर्च, इंटर यूनिवर्सिटी आॅफ सेंटर फाॅर एस्ट्रोनाॅमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स, इंस्टिट्यूट आॅफ न्यूक्लियर फिजिक्स कोलकाता, आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट आॅफ आब्र्जवेशनल साइंसेज, उत्तराखंड, इंडियन इंस्टिट्यूट जिओमैगेनेटिज्म, सेंटर फाॅर लिक्विड क्रिस्टल रिसर्च में शोधार्थी के तौर पर सुनहरे करिअर की तलाश कर सकते हैं। निजी क्षेत्र में लेबोरेट्रिज और संबंधित संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थाओं, कृषि क्षेत्र उपकरण उद्योग, मेडिकल, पावर जनरेटिंग कंपनीज, एविएशन, कंस्ट्रक्शन और पेट्रोलियम क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं में बेहतरीन पैकेज की तलाश की जा सकती है।
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