career in ceramic engineering
अगर आपको लगता है कि आप की अंगुलियां आकार गढ़ने में खुशी महसूस करती है और आपको तकनीक से भी प्यार है तो इंजीनियरिंग की समृद्ध और प्रगतिशील शाखा सेरामिक इंजीनियरिंग आपके लिए एक बेहतरीन करिअर साबित हो सकता है। सेरामिक इं जीनियरिंग के क्षेत्र में सेरामिक (मिट्टी) मैटीरियल्स के निर्माण और उसके प्रयोग के लिए विभिन्न तकनीक का इस्तेमाल होता है। सेरामिक इंजीनियरिंग फाइन आर्ट के साथ विज्ञान का एक बेहतरीन मेल है जो किसी घर के इंटीरियर से लेकर किसी बड़े प्रोजेक्ट को छोटे रूप में साकार करने में महत्वपूर्ण रोल निभाता है।
क्या करते हैं सेरामिक इंजीनियर्स
सेरामिक इंजीनियर कई तरह के रोल निभाता है। किसी प्रोडक्ट्स डेवलप करने से लेकर उसके उत्पादन तक में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सेरामिक इंजीनियर स्पेस शटल के लिए प्रोटेक्टिव टाइल्स महत्वपूर्ण और दुर्लभ उत्पाद बनाता है तो दांतों के लिए सेरामिक फीलिंग बनाना भी उसकी जिम्मेदारी है। सेरामिक बहुत सारे उद्योगों का एक महत्वपूर्ण सहायक एवं उत्पाद है। जहां तापरोधी चीजों की मांग ज्यादा होती है वहां तो सेरामिक इंजीनियर और ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाते हैं। सेरामिक इंजीनियर्स सेरामिक मैटीरियल्स के अध्ययन, उनके व्यवहार, कार्य और प्रयोग के विशेषज्ञ होते हैं। ये नॉनमैटेलिक इनऑग्रेनिक मैटीरियल्स को कई तरह के सेरामिक प्रोडक्ट्स में बदलने की विधि का विकास करते हैं- जैसे ग्लासवेयर, फाइबर ऑप्टिक्स प्रोडक्ट्स, सीमेंट और ईटों से लेकर स्पेस व्हीकल की कोटिंग, माइक्रो-इले क्ट्रॉनिक्स, न्यूक्लियर फ्यूल के कम्पोनेंट और पॉल्युशन कंट्रोल डिवाइस आदि तक। सेरामिक इंजीनियर का मुख्य कार्य रिसर्च, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और प्रोडक्शन इंजीनियरिंग होते हैं। इस क्षेत्र के इंजीनियर्स को लगातार नये विचारों के साथ नये उत्पाद और उपाय भी बताने होते हैं। वे अपने वैज्ञानिक ज्ञान का उपयोग मौजूदा उत्पादों की जगह नये उत्पादों के अनुप्रयोग के लिए करते हैं। प्रोडक्शन के लिए तैयार किये गये सैम्पल को कलर, सर्फेस फिनिश, टेक्सचर, स्ट्रेंथ और यूनिफॉर्मिटी और मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस के करेक्शन के लिए इंजीनियर्स द्वारा ही किया जाता है। सेरामिक इंजीनियर्स सेल्स विभाग में भी कार्य करते हैं, जहां उन्हें कस्टमर्स की आवश्यकताओं के आधार पर भविष्य के रिसर्च का मार्गदर्शन मिलता है। इसके अलावा आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में भी सेरामिक इंजीनियर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मनुष्य के शरीर में रिप्लेस करने के लिए से रामिक टीथ, बोन्स और ज्वाइंट्स बनाना या फिर किसी डिजीज पर चल रहे शोध को लगातार चलाने के लिए एडवांस मेडिकल इक्युपमेंट्स को इम्प्रूव करने की बड़ी जिम्मेदारी भी इनके ही कंधों पर रहती है। फाइबर ऑप्टिक्स केबल्स को इम्प्रूव करना, जिसके जरिये डॉक्टर्स मानव शरीर के अंदर देखते हैं और मनुष्य की आवाज को बिना किसी रुकावट के समुद्र के अंदर से हजारों मील की दूर तय करने की सुविधा जैसे प्रोडक्टस भी इन्हीं कलाकारों की वजह से बनाए जा सके हैं।
क्या पढ़ते हैं सेरामिक इंजीनियर्स
सेरामिक टेक्नोलॉजी के बैचलर्स प्रोग्राम में प्रवेश लेने के लिए इच्छुक उम्मीदवार को कक्षा बारह मेें फिजिक्स, कैमेस्ट्री और मैथ्स विषय के तौर पर लेना चाहिए। अच्छे अंक अच्छे संस्थान में दाखिला लेने का आधार बनते हैं। कई इंजीनियरिंग कॉलेज चार वर्षीय बीई, बीटेक इन सेरामिक्स कोर्स भी ऑफर करते हैं। इंजीनियरिंग की किसी भी शाखा के समान ही सेरामिक इंजीनियरिंग में भी दाखिला लिखित परीक्षा के आधार पर ही होता है। बीटेक के बाद गेट की परीक्षा देकर पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया जा सकता है। डिजाइन और एनालिसिस इस इंडस्ट्री में काम करने के लिए अपेक्षित योग्यताएँ हैं।
कितना कमाते हैं सेरामिक इंजीनियर्स
सेरामिक इंजीनियर की शैक्षिक योग्यता और अनुभव के साथ ही कार्य स्थल और कार्य के प्रकार के आधार पर वेतन में भिन्नता पाई जाती है। फ्रेशर्स को कम से कम 25,000 से 40,000 प्रतिमाह तक मिल सकता है जो अनुभव बढ़ने के साथ ही लाखों तक पहुंच जाता है। इस क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले लोगों की मांग लगातार बनी रहती है।
कहां से करें कोर्स
देश के विभिन्न आईआईटी संस्थानों के अलावा सेरामिक इंजीनियरिंग के कोर्स कई और संस्थान भी करवाते हैं। जिसमें शामिल हैं-
- बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी ।
- सेंट्रल ग्लास एंड सेरामिक रिसर्च इंस्टिट्यूट, जाधवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता।
- कॉलेज ऑफ सेरामिक टेक्नोलॉजी, कोलकाता।
- पीडीए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग गुलबर्गा, कर्नाटक।
- यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, कोलकाता।
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