career in archaeology
इतिहास में करिअर- आर्कियोलाॅजीस्ट
इतिहास आपको रोमांचित करता है और आप खुद में उसे लेकर जुड़ाव महसूस करते हैं तो आर्कियोलाॅजिस्ट के तौर पर आप अपना सुनहरा भविष्य तराश सकते हैं। भारत में इसकी विपुल संभावना है क्योंकि भारत उन थोड़े से मुल्कों में हैं जहां ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में बहुत कम काम हुआ है और आज भी यहां काफी कुछ खोजे जाने की संभावना है। हड़प्पा सभ्यता के बाद से भारत में ऐतिहासिक खोज न के बराबर हुई है और फिलहाल इतिहास खोज को लेकर एक बड़ा वैक्युम यहां बना हुआ है जो बड़े आइडियाज और क्रियेटिविटी का इंतजार कर रहा है। इसके अलावा पूरी दुनिया में शोध के लिए आर्कियोलाॅजी के विद्यार्थियों का इंतजार किया जा रहा है इसलिए ऐसे उम्मीदवार जो इतिहास को अपना जीवन बनाना चाहते हैं उनके लिए आर्कियोलाॅजी बढि़या विकल्प हो सकता है।
योग्यता एवं पाठ्यक्रम
कक्षा बारह के बाद इतिहास में रूचि रखने वाले या कक्षा बारह में जिनके पास इतिहास एक विषय के रूप में हो बैचलर आॅफ आर्किय¨लाॅजी पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकते हैं। आर्किय¨लाॅजी में डिप्ल¨मा, बैचलर, मास्टर और पीएचडी पाठ्यक्रम उपलब्द्य हैं, जिनमें प्रवेश लेने के लिए अलग अलग योग्यताएं निर्धारित की गई है। इससे जुड़े क¨र्स देश के सभ प्रमुख विश्वविद्यालयों से कर सकते हैं। आर्किय¨लाॅजिकल सर्वे आॅफ इंडिया, नई दिल्ली से प¨स्ट ग्रेजुएट डिप्ल¨मा इन आर्किय¨लाॅजी का द¨ वर्षीय पाठ्यक्रम किया जा सकता है। दिल्ली इंस्टीट्यूट आॅफ हेरिटेज रिसर्च एंड मैनेजमेंट आॅर्किय¨लाॅजी में द¨ स्पेशल प्र¨ग्राम्स आॅफर करता है। मास्टर इन कंर्जवेशन, प्रिर्जवेशन ऐंड हेरिटेज मैनेजमेंट और मास्टर इन आर्किय¨लाॅजी एंड हेरिटेज मैनेजमेंट जैसे कोर्स इस क्षेत्र में अच्छा करिअर बनाने की सीढ़ी हो सकते हैं। यदि आप विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं, त¨ हिस्ट¨रिकल अर्किय¨लाॅजी, जिओ आर्किय¨लाॅजी, आर्किय¨बाॅटनी, क्र¨नोलाॅजिकल, एथन¨आर्किय¨लाॅजी, एक्सपेरिमेंटल आॅकिय¨लाॅजी, आर्किय¨मेट्री जैसे पाठ्यक्रम भी इस क्षेत्र में बेहतर भविष्य तलाशने में आपकी सहायता कर सकते हैं।
क्या करते है आॅर्कियोलाॅजिस्ट
आर्कियोलाॅजिस्ट का काम इतिहास को संरक्षित करना और खोजना होता है। साथ ही वह नई सभ्यता और संस्कृति को पुरानी सभ्यता से परिचित कराने वाला सेतु भी होता है। ऐतिहासिक वस्तुओं और सभ्यताओं के खोज से लेकर आधुनिक संग्रहालयों के संकलन और संरक्षण तक का काम एक आर्कियोलाॅजिस्ट को करना होता है। वे किसी सभ्यता के बारे में जानकारी जुटाने के साथ-साथ पुराने धरोहर को सहेजने का भी काम करते हैं। अनुमानों और पुरातन साक्ष्यों के आधार पर सभ्यता की रूपरेखा खींचने से लेकर तत्कालीन समाज और परिवेश के बारे में आकलन करने का काम भी एक आर्कियोलाॅजिस्ट को करना होता है। इसके अलाववा वह कार्बन डेटिंग और समय गणना करने का काम भी करता है। किसी ऐतिहासिक वस्तु या सभ्यता का वर्तमान सभ्यता से जुड़ाव और विकास के क्रम को निर्धारित करने का काम भी एक आर्कियोलाॅजिस्ट ही करता है। वह एक इतिहासविद के साथ-साथ क्रमशास्त्री भी होता है जो मानव और दुनिया के उत्पति के पर्दो पर से रहस्य हटाने का काम भी करता है। आर्कियोलाॅजिस्ट को अपने ज्ञान और रसायनों की सहायता से भग्नावेशों को संरक्षित करने का काम भी करना होता है ताकि आने वाले समय में वे सुरक्षित रहे और लोगों को अपने इतिहास को समझने में सहायक साबित हो सके।
नौकरी के अवसर
शिक्षण, अनुसंधान और संग्रहालय तीन ऐसे क्षेत्र हैं, जहां आर्कियोलाॅजिस्ट के लिए करिअर की अच्छी संभावनाएं मौजूद हैं। यदि आप रिसर्च एरिया में अपना करिअर तलाश रहे हैं, तो आर्कियोलाॅजिकल सर्वे आॅफ इंडिया, प्लानिंग कमीशन आदि में अवसर हैं साथ ही, साथ ही कई इंटरनेशनल आर्गेनाइजेशन जैसे युनेस्को और यूनिसेफ के लिए भी आप काम कर सकते हैं। दूसरी तरफ नेशनल म्यूजियम(नई दिल्ली), स्टेट म्यूजियम, नेशनल ट्रस्ट आॅफ आर्ट एंड कल्चर हेरिटेज आदि में भी आर्कियोलाॅजिस्ट की मांग होती है। इसके अलावा शिक्षण में भी शानदार करिअर बनाया जा सकता है। लगभग सभी विश्वविद्यालयों में इस विषय के लिए आर्किय¨लाॅजिस्ट की आवश्यकता होती है और समय-समय पर आवेदन आमंत्रित किये जाते हैं।
वेतन
इस क्षेत्र में वेतन अनुभव और योग्यता पर निर्भर करता है। सरकारी क्षेत्र में आमत©र पर आर्किय¨लाॅजिस्ट की सैलरी 25 हजार रुपये से शुरू ह¨ती है। बड़े और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में यह वेतन 50 हजार से शुरू होकर पहद और योग्यता के आधार पर लाखों तक चला जाता है। शिक्षण के क्षेत्र में आप 15 से 20 हजार रुपये तक प्रति माह वेतन प्राप्त कर सकते हैं। योग्यता प्राप्त कर लेने के बाद वेतन यूजीसी नाम्र्स के हिसाब से बढ़ती चली जाती है।
कहां से करें कोर्स
1. आॅर्कियोलाॅजिकल सर्वे आॅफ इंडिया, नई दिल्ली2. नेशनल आर्काइव्ज आॅफ इंडिया, नई दिल्ली
3. इंडियन काउंसिल आॅफ हिस्टोरिकल रिसर्च, नई दिल्ली
4. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी
5. दिल्ली इंस्टीट्यूट आॅफ हेरिटेज रिसर्च एंड मैनेजमेंट, नई दिल्ली
6. जीवाजी यूनिवर्सिटी, ग्वालियर
7. पटना यूनिवर्सिटी, पटना
8. पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़
9. इलाहाबाद, यूनिवर्सिटी, इलाहाबाद
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