राजनीति विज्ञान में नये अवसर
राजनीति विज्ञान में नये अवसर
पूरी दुनिया जब राजनीतिक रूप से ज्यादा जागरूक और अपने अधिकारों को लेकर ज्यादा सजग होती जा रही है। इस विषय पर शोध और विचारों की भी बाढ़ आ गई है। राजनीति अपने पुरातन स्वरूप् मंे बड़े बदलाव कर रही है जो पूरी दुनिया की सामाजिक संरचनाओं को भी प्रभावित कर रही है। ढेरों ऐसे संगठन इस बदलाव को समझने और नई रणनीतियों को बनाने के लिए बन रहे हैं। भारत भी इससे अछूता नहीं है। तमाम राजनीतिक दल अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए नये तरीके और आइडियाज पर काम कर रहे हैं। थिंक टैंक और संगठन तक में आधुनिक तौर तरीकों से बदलाव किए जा रहे हैं। ऐसे में ऐसे विशेषज्ञों की बाजार में मांग पैदा हो रही है जो इन बदलावों को बेहतर तरीके से समझता हो या राजनीतिक समझ को बेहतर करने में सक्षम हो। पाॅलिटिकल साइंटिस्ट और थिंक टैंक जैसे नये पदनामों के साथ राजनीति विज्ञान ने आधुनिक दुनिया में बेहतर करिअॅर बनाने के ढेरों नये अवसर पैदा किए हैं। राजनीतिक सिद्धांत, लोकनीति, राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक संबंध और तुलनात्मक राजनीति जैसे क्षेत्र उनका स्वागत करने के लिए हाथ पसारे खड़े हैं।क्या-क्या हैं संभावनाएं?
राजनीति विज्ञान सिर्फ विचार समझने और विकसित करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उसे प्रचारित और प्रसारित करने तक आगे बढ़ चुकी है। यह जनमत निर्माण के लिए सोचने से आगे लिखने और बेहतर वक्ता होने तक की मांग करती है इसलिए इस क्षेत्र में करिअर निर्माण के लिए सोचने वाले युवाओं को अपने पूर व्यक्तित्व पर भी काम करना होगा। इस विधा में महारत रखने वाले उम्मीदवारों के लिए लाॅ फम्र्स, मार्केटिंग रिसर्च फम्र्स, फील्ड रिसर्च, राजनेताओं के नीजि सचिव, लाॅ इंफोर्समेंट एजेंसी जैस पुलिस एवं न्यायालय आदि, पब्लिशिंग फम्र्स, राजनीतिक दल और विभिन्न व्यवसायों में ढेरों बेहतरीन जाॅब आॅफर्स इंतजार कर रही है। इसके अलावा वे पाॅलिसी अनालिस्ट, पाॅलिटिकल कंमेटेटर, पाॅलिटिकल राइटर, सर्वे कंडक्टर, प्री पोल अनालिस्ट, पब्लिक अफेयर्स रिसर्च अनालिस्ट, पब्लिक ओपिनियन अनालिस्ट, कैम्पेन वर्कर, कैम्पेन डिजाइनर, विभिन्न मीडिया समूहों या अखबार में पाॅलिटिकल काॅरसपोंडेंट या बिजनेस एडमिनिस्ट्रेटर जैसे पद संभाल सकते हैं।
कौन-कौन से कोर्स?
राजनीति विज्ञान में स्नातक के अलावा इंटलैक्चुअल प्रापर्टी राइट्स, इंटरनेशनल रिलेशन्स, लोकल गवर्नेन्स, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, पाॅलिटिक्स, पब्लिक पाॅलिसी में स्नातकोतर, एमफिल और पीएचडी की जा सकती है। क्षेत्र विशेष में अपनी विशेषज्ञता बढ़ाने के लिए मिनिस्ट्री, पंचायती राज, इंडियन पाॅलिटिकल सिस्टम और गुड गवर्नेस में में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेज भी भारत में उपलब्ध हैं।
कहां से कर सकते हैं कोर्स?
राजनीतिक विज्ञान में तो वैसे भारत के सभी राज्यों के लगभग सभी विश्वविद्यालय ज्यादातर कोर्सेज का संचालन करते हैं लेकिन उनमें से प्रमुख विश्वविद्यालय हैं-
1. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली
2. पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढद्व
3. दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली
4. हैदराबाद विश्वविद्यालय, हैदराबाद
5. कलकत्ता विश्वविद्यालय, प.बंगाल
6. पूना विश्वविद्यालय, पूना
7. बनारस हिंदु विश्वविद्यालय, वाराणसी
8. लेडी श्रीराम काॅलेज फाॅर वूमन, दिल्ली
9. हिन्दु काॅलेज, दिल्ली
10. मिरांडा हाउस, दिल्ली
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