exam room strategies

छोटी बातों से बड़ी सफलता


              किसी भी परीक्षा की तैयारी उसके सिलेबस को रटने और समझने से ज्यादा और भी बहुत कुछ होता है। प्रतियोगी परीक्षा में सफलता पाने के लिए की गई तैयारी और युद्ध को जीतने के लिए बनाई जाने वाली रणनीति में ज्यादा फर्क नहीं होता। दोनों ही मामलों में सामने वाले से हर मोर्चे पर बेहतर घेराबंदी करने की जरूरत होती है। प्रतियोगी परीक्षाओं में उसके विषय-वस्तु को तैयार करने के साथ परीक्षा के माहौल के अनुसार खुद को ढालना और छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना आपको अपने समकक्षों से आगे बढ़ा देता है। बैंक अधिकारी के पदों के लिए आयोजित होने वाली परीक्षाओं में इन छोटी बातों का बड़ा महत्व होता है। ये प्रतियोगी परीक्षा सौ मीटर के फर्राटा दौड़ की तरह होती हैं जहां आपको अपनी तैयारी दिखाने के लिए महज दस सेकेंड मिलते हैं और मिली सेकेण्ड से हार और जीत तय होती है। नीचे दी जा रही टिप्स उन छोटी बातों पर केन्द्रित हैं जिन्हें अक्सर हम नजरअंदाज कर देते हैं। 

ईमेल आईडी की व्यवस्था

- प्रतियोगी परीक्षाओं के ज्यादातर आवेदन अब इंटरनेट के माध्यम से आॅनलाइन ही भरे जाते हैं इसलिए सबसे पहले एक ऐसे ईमेल आईडी की व्यवस्था कीजिए जिससे आप अक्सर अपडेट होते हैं और उसका इस्तेमाल अपनी आॅफिशियल ईमेल आईडी की तरह करते हैं। ऐसी ईमेल आईडी का ही आवेदन पत्र में उल्लेख करें।

- आॅनलाइन आवेदन भरने के बाद याद रखने के लिए उसकी एक फोटो प्रति अवश्य निकाल लें ताकि आगे किसी जरूरत के वक्त उसमें दर्ज की प्रविष्ठियों के लिए आपको अनुमान पर आश्रित न रहना पडे़। साथ ही परीक्षा से सम्बन्धित प्रकाशित हुई विज्ञप्ति की भी एक प्रति संभाल कर रखें (राष्ट्रीयकृत बैंको के लिए शुरू की गई एकीकृत बैंकिग वैकेंसी के बाद आपका काम पहले की तुलना में ज्यादा आसान हो गया है लेकिन ग्रामीण और काॅपरेटिव बैंक अभी भी नियोक्ता के तौर पर अपने लिए पृथक विज्ञप्ति प्रकाशित करते हैं।) जिससे उस परीक्षा की रूपरेखा को समय आने पर एक बार फिर से दोहराया जा सके। 

- आवेदन पत्र भरते समय इस्तेमाल किए जाने वाले पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षरों को लेकर अतिरिक्त सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि यही दोनों आपकी पहचान को साबित करने के लिए टूल की तरह इस्तेमाल होने वाले हैं इसलिए स्केन कर चस्पा किए जाने वाले फोटो की कम से कम तीन प्रतियां आगे सम्पन्न की जाने वाली प्रक्रिया के लिए संभाल कर रख लें। हस्ताक्षर करने के दौरान इस बात की सावधानी रखें कि नियमित इस्तेमाल करने वाले हस्ताक्षर ही उपयोग में लाया जाए। 

चालान का विशेष ध्यान 

- ज्यादातर आॅनलाइन आवेदनों के लिए चालान द्वारा शुल्क प्रक्रिया पूरी की जाती है। इस चालान का विशेष ध्यान रखना जरूरी है हालांकि चालान पर परीक्षा की पूरी जानकारी अंकित होती है फिर भी भ्रमित होने से बचने के लिए परीक्षा के आवेदन प्रति के साथ ही चालान को नत्थी कर देना ठीक रहता है। 

- इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद आप सम्बन्धित सिलेबस पर अपना ध्यान केन्द्रित कर सकते हैं और परीक्षा के एक दिन पहले परीक्षा हाॅल में अपनी उपस्थिति के लिए आवश्यक दस्तावेजों की खोजबीन में बरबाद होने वाले वक्त को बचा कर जरूरी चीजों को दोहरा सकते हैं। परीक्षा के नजदीक आते ही फिर इन छोटी बातों का बड़ा महत्व शुरू हो जाता है। प्रवेश पत्र के आने के साथ ही इसकी शुरूआत हो जाती है। आपने पहले ही आवेदन के दौरान इस्तेमाल किए गए फोटो की प्रतियांे कोे संभाल कर रखा है। कई मौको पर आॅनलाइन आवेदन के साथ ही प्रवेश पत्र जनरेट हो जाता है लेकिन ज्यादातर मौको पर आॅनलाइन या डाक से प्रवेश पत्र प्राप्त होता है जिसमें आपको अपनी वही फोटो चस्पा करनी होती है जिसका उपयोग आपने आवेदन भरते वक्त किया था। संभाली गई अपनी पासपोर्ट साइज फोटो की एक प्रति आवेदन पत्र पर चिपका दे और दो प्रति अपने साथ परीक्षा कक्ष में ले जाने के लिए संभाल कर रख ले। 

- प्रवेश पत्र पर परीक्षा के दौरान की जाने वाली गतिविधियों की पूरी जानकारी अंकित होती है लेकिन हम अक्सर उन बिंदुओ को पढ़ने से बचते हैं जिसका खामियाजा हमें परीक्षा के दौरान भुगतना पड़ता है। ओएमआर शीट को भरने का तरीका कई परीक्षाओं में अलग होता है। कई परीक्षाओं में नीले या काले बाॅल पेन का इस्तेमाल होता है और कई प्रतियोगी परीक्षाओं में इसी काम के लिए एचबी पेंसिल का प्रयोग किया जाता है। 

 मोटी नोक वाली पेंसिल 

- परीक्षा में इस्तेमाल करने के लिए पेंसिल को ज्यादा शार्प न करे यह आपकी गति को कम करता है थोड़ी मोटी नोक वाली पेंसिल से ज्यादा तेजी से काम किया जा सकता है। परीक्षा के दौरान रफ कार्य पेसिंल से करें तो बेहतर होगा क्योंकि कच्चा काम करने के लिए जगह कम होती है और पेंसिल से लिखी गई इबारत को साफ करके दोबारा काम में लिया जा सकता हैं।

- बैंकिग परीक्षा में कूट प्रश्नों का पूरा सेगमेंट होता है जो अंग्रेजी वर्णमाला पर आधारित होती है। ऐसे प्रश्नों को हल करने के लिए शुरू में मिले समय का प्रयोग करते हुए जिसमें आपको रोल नंबर इत्यादि खानापूर्ति करनी होती है के दौरान कच्चे काम वाली जगह पर नबरिंग के साथ दर्ज कर ले। इससे आपका समय बचेगा और प्रश्न के सही हल होने का प्रतिशत बढ़ जाएगा। 

- परीक्षा कक्ष में प्रवेश करने से पहले खुद को शांत करें और लंबी सांस लेते हुए रिलैक्स होने की कोशिश करें। हो सके तो परीक्षा के विषयों पर बातचीत न करें क्योंकि आपने क्या किया है और सामने वाले ने क्या नहीं किया है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। इन बातों से आत्मविश्वास डगमगा जाता है और सारा खेल इसी आत्मविश्वास का है।

- परीक्षा हाॅल में प्रवेश करने से पहले अपने रोल क्रमांक के हिसाब से अपनी बैठक व्यवस्था सुनिश्चित कर लें और कोशिश करें कि परीक्षा केन्द्र पर रिर्पोटिंग समय से कम से कम 45 मिनट पूर्व पहुंचा जाए ताकि कुछ जरूरी कमी को पूरा करने का एक मौका हाथ में हो। 

- परीक्षा केन्द्र पर जाने से पहल भरे गए आवेदन की छाया प्रति, पासपोर्ट साइज के दौ रंगीन फोटोग्राफ्स, परीक्षा के दौरान शुल्क जमा कराने के लिए जारी करवाया गया चालान और उसकी फोटो प्रति तथा स्वयं के पहचान को साबित करने वाला फोटो युक्त पहचान पत्र की मूल और फोटो प्रति साथ रख लेना जरूरी होता है। बाकि दो बढि़या क्वालिटी के पेन, पेंसिल और रबर जैसे साधनों को भी मुस्तैदी से एक दिन पहले ही तैयार कर लेना चाहिए। 

- परीक्षा हाॅल में अपनी जगह लेने के बाद कक्ष निरीक्षक से इस बात को सुनिश्चित करवा लें कि आप सही जगह पर हैं। पेपर शुरू होने से पहले की जाने वाली औपचारिकताओं को सावधानीपूर्वक पूरा करें क्योंकि इनमें गलती होने पर आपकी उत्तर पुस्तिका निरस्त मानी जाएगी और आपकी सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। 

- रोल क्रमांक को भरने से पहले ओएमआर शीट पर पेंसिल से छोटे निशान लगा कर सुनिश्चित कर लें कि आपने सही खानों का चयन किया है तब ही आगे की प्रक्रिया करें। ज्यादातर परीक्षाओं में जन्मतिथि पूछी जाती है इसे सावधानी से भरें और दसवी की अंकतालिका में दर्ज की गई तिथि को ही इसमें अनिवार्य तौर पर अंकित करें। 

- हस्ताक्षर करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आप उन्हीं हस्ताक्षरों का प्रयोग कर रहे हैं जिनका उपयोग आपने आवेदन भरते वक्त किया था। अगर आपने आवेदन के दौरान हस्ताक्षर के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रयोग किया था तो उसी को परीक्षा हाॅल में भी दोहराए। 

- हममें से ज्यादातर प्रतियोगी एक काम नहीं करते जिसे हमें जरूर करना चाहिए। प्रश्न पत्र पर लिखे निर्देशों को ध्यान से पढ़ना। इस निर्देशों से ही हमें एक फौरी योजना बनाने के लिए कच्ची सामग्री मिलती है। मसलन 200 प्रश्न और एक घंटा बीस मिनट का समय तो आपके पास एक प्रश्न के लिए लगभग एक मिनट और 66 सेकेंड हैं। योजना की शुरूआत हो गई है।

- बैंक की प्रतियोगी परीक्षा आपके बौद्धिक ज्ञान से ज्यादा आपके बौद्धिक प्रबंधन का परीक्षण करता है। एक बात याद रखिए कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का कट आॅफ सौ प्रतिशत नहीं होता तो आपके पास मुश्किल प्रश्नों से बच कर अपना समय आसान प्रश्नों को हल करने में लगाने की थोड़ी गुंजाइश है। साथ ही आपका यह भी याद रखना होगा कि प्रश्न-पत्र में सभी प्रश्न हल करने के लिए नहीं दिए गए होते है। उदाहरण के तौर पर ऐसा प्रश्न जिसमें गणना करके दशमलव के चार बिंदुओं तक सही आंकड़ा खोजना है तो यह आपके समय को खराब करने के लिए दिया गया है। आप इस प्रश्न को आखिर में बचे हुए समय में हल करने के लिए छोड़ सकते हैं जो निन्यानवें प्रतिशत अवसरों पर आपको नहीं मिलने वाला है।

- कुछ प्रतियोगी सोचते हैं कि ओएमआर में सही उत्तर दर्ज होने पर कोई खास पैटर्न बनता है और उसी पैटर्न को बनाने के चक्कर में वे सही प्रश्नों के भी गलत जवाब देते हैं। यह भ्रांति मात्र है। 

- प्रश्नों को सीधे तरीके से ग्रहण कीजिए और उत्तर देते वक्त सिर्फ उसी प्रश्न के बारे में सोचिए। अगले प्रश्न के लिए अगला मिनट आरक्षित है। टाइम मैनेजमेंट का मतलब जल्दबाजी नहीं है अगर किसी प्रश्न को दो मिनट चाहिए तो उसे देना पडे़गा क्योंकि कई दूसरे प्रश्न आप कुछ सेकंड में हल कर लेने वाले हैं। जल्दी मत कीजिए क्योंकि सही करना और जल्दी करना दो अलग बातें हैं। 

- परीक्षा कक्ष में वे प्रतियोगी सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित करते हैं जो सबसे पहले अपना पेपर खत्म करके जाने की आज्ञा चाहते हैं उनकी ओर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है क्योंकि पेपर जल्दी खत्म करने से वह आसान साबित नहीं होता और न ही प्रतियोगी बेहतर साबित होता है। परीक्षा के दौरान दिए गए समय का पूरा उपयोग करें। 

वैसे यह टिप्स आपको कम महत्वपूर्ण लग सकती हैं लेकिन इनका ध्यान रखना जरूरी हैं क्योंकि इनका ध्यान न रखने पर परीक्षा केन्द्र के सामने से आपको लौटना पड़ सकता है या बार परीक्षा देने के बाद भी आपकी अभ्यर्थिता निरस्त हो सकती है। कुल मिलाकर ये टिप्स आपके लिए उस सिग्नल का काम करती हैं जो आगे किसी बाधा से बचाने के लिए अभी रूक कर सोचने का समय देती हैं। 

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