आईएनएस कोलकाता

भारतीय नौसेना का गौरवः आईएनएस कोलकाता

भारत ने रक्षा क्षेत्र में आईएनएस कोलकाता के तौर पर एक बड़ी छलांग लगाई है। इस उपलब्धि ने भारत को उन गिने-चुने मुल्कों की श्रेणी में ला खड़ा किया है जो इस तरह के बेहतरीन मारक क्षमता वाले युद्धपोत बनाने का सामथ्र्य रखते हैं। इस उपलब्धि ने दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन को फिर से स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 16 अगस्त 2014 का भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया। पूरी दुनिया में इस नई उपलब्धि को लेकर शुभकामनाएं देने से हथियारों की होड़ होने तक की प्रतिक्रियाएं व्यक्त की गई हैं। 

आईएनएस कोलकाता शुरूआत से अब तक

1. आईएनएस कोलकाता भारतीय नौसेना के कोलकाता श्रेणी के युद्धपोतों का हिस्सा है, जिसमें आईएनएस कोच्चि और आईएनएस चेन्नई शामिल हैं। इसे मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड ने बनाया है लेकिन इस युद्धपोत का डिजाइन भारतीय नौसेना के डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है।
2. इसके निर्माण का काम सितंबर, 2003 में शुरू किया गया था और 6,800 टन के इस युद्धपोत को साल 2010 में नौसेना में शामिल किया जाना था लेकिन कई कारणों से परियोजना में देरी हो गई और अगस्त 2014 में इसे उपयोग के लिए तैयार किया जा सका। इससे पहले यह युद्धपोत परीक्षण के दौरान हुई एक दुर्घटना के कारण सुर्खीयों में रहा था। इस हादसे में नौसेना के एक अधिकारी की मौत हो गई थी।
3. इस जंगी पोत में अत्याधुनिक हथियार प्रणालियां लगाई गई हैं, जिसमें पनडुब्बी रोधी प्रौद्योगिकी भी शामिल है।
4. इस युद्धपोत में सतह से सतह पर मार करने वाली अत्याधुनिक ब्रह्मोस मिसाइलें, रॉकेट लांचर, टॉरपीडो ट्यूब लांचर, सोनार, ईडब्ल्यूएस एलोरा व एके-630 बंदूकें मौजूद हैं, जो इसे समुद्री व हवाई हमले का सामना करने में सक्षम बनाती हैं।
5. 7500 टन वजनी कोलकाता श्रेणी का जहाज आईएनएस कोलकाता 164 मीटर लंबा और 18 मीटर चैड़ा है. इसकी ऊंचाई एक पांच मंजिली इमारत जितनी है।
6. इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह अपनी विशिष्ट बनावट के कारण यह दुश्मनों के रडार को चकमा देने में सक्षम है। भारत की इसी तरह के दो अन्य युद्धपोत बनाने की योजना है।
7. ऊर्जा आपूर्ति के लिए इसमें लगे चार गैस टर्बाइन जेनरेटर एवं एक डीजल ऑल्टरनेटर किसी छोटे-मोटे शहर को भी रोशन करने की क्षमता रखते हैं। इस पर 30 अधिकारी एवं 330 नौसैनिक तैनात होंगे।
8. इसका नामकरण भारत के सांस्कृतिक शहर कोलकाता के नाम पर किया गया है और इसका घोष वाक्य है-युद्धाय सर्वसन्नद्ध अर्थात युद्ध के लिए सदा तैयार।

क्या है कोलकाता श्रेणी?

कोलाकाता क्लास को प्रोजेक्ट 15 ए भी कहा जाता है। यह स्टील्थ गाइडेड मिसाइल डस्ट्रोयर श्रेणी के युद्धपोत हैं। फिलहाल इस श्रेणी का एक जहाज आईएनएस कोलकाता काम करने लगा है और और दो अन्य युद्धपोत आईएनएस कोच्चि और चेन्नई पर काम चल रहा है। कोलकाता क्लास दरअसल दिल्ली क्लास या प्रोजेक्ट 15 के बाद का प्रोजेक्ट है जो अधिक आधुनिक और बेहतर है। कोलकाता क्लास का दूसरा चरण प्रोजेक्ट 15बी भी स्वीकृत हो चुका है। इस प्रोजेक्ट में बनने वाले युद्धपोत अपनी पहले के युद्धपोतों से कहीं ज्यादा आधुनिक और बराक सिस्टम से अपलोड होंगे। 

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