स्टेट बैंक आॅफ इंडियाः प्रोबेशनरी अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा


स्टेट बैंक आॅफ इंडियाः प्रोबेशनरी अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा

भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक्स में से एक स्टेट बैंक आॅफ इंडिया ने प्रोबेशनरी अधिकारियों के 2000 पदों के आवेदन आमंत्रित किए थे। बैंक के भविष्य के अधिकारियों की भर्ती के लिए आईबीपीएस क बाद आयोजित होने वाली यह सबसे बड़ी परीक्षा है। स्टेट बैंक आॅफ इंडिया अपने संस्थान में भर्ती के लिए उत्कृष्ट मानदडों का पालन करता आया है। पिछली आयोजित परीक्षाओं के प्रश्नपत्र देखकर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि कड़ी मेहनत और स्मार्ट स्ट्रेटजी के सहारे ही इस परीक्षा में सफलता प्राप्त की जा सकती है। इस परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों की संख्या भी लाखों में होती है लेकिन प्रतियोगिता में सफलता उन्हें ही मिलती है जो इस परीक्षा की तैयारी में केन्द्रित और योजनाबद्ध तरीके का उपयोग करते हैं।

चयन की प्रक्रियाः
इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थियों को तीन चरणों से गुजरना होगा। पहले चरण में प्रारंभिक परीक्षा होगी जो स्क्रीनिंग आधार पर आयोजित की जाएगी ताकि अगंभीर उम्मीदवारों को प्रतियोगिता से बाहर किया जा सके। प्रारंभिक परीक्षा अभ्यर्थियों को आॅनलाइन देनी होगी। इस परीक्षा में 1 घंटे में 100 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। प्रारंभिक परीक्षा में अंग्रेजी भाषा, मात्रात्मक योग्यता और तर्कज्ञान क्षमता पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे। अंग्रेजी भाषा पर 30 प्रश्न, मात्रात्मक योग्यता पर 35 प्रश्न और तर्कज्ञान क्षमता से 35 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्न पत्र कुल 100 अंकों का होगा। बैंक द्वारा तय अंक प्राप्त कर उम्मीदवारों को तीनों परीक्षाओं में उत्तीर्ण होना आवश्यक है। बैंक उपलब्ध पदों की संख्या के 20 गुना उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए मेरिट के आधार पर उतीर्ण किए जाएंगे।
मुख्य परीक्षा में वस्तुनिष्ठ परीक्षा 200 अंकों की और वर्णनात्मक परीक्षा 50 अंकों की होगी। यह परीक्षा भी आॅनलाइन आयोजित की जाएगी। वर्णनात्मक परीक्षा वस्तुनिष्ठ परीक्षा के तुरंत बाद होगी और प्रतियोगी को उत्तर टाइप करने होंगे। वस्तुनिष्ठ परीक्षा 2 घंटों की होगी और उसमें चार खण्ड होंगे। अंग्रेजी भाषा ज्ञान की परीक्षा जिसमें मुख्य रूप से व्याकरण, शब्दावली और परिज्ञान पर जोर होगा। दूसरे खण्ड में सामान्य जानकारी, विपणन और कम्प्यूटर्स कीं जानकारी तीसरे खण्ड में डाटा विश्लेषण और प्रतिपादन तथा चैथे खण्ड मंे तर्क ज्ञान की परीक्षा ली जाएगी। प्रत्येक खण्ड 50 अंक का होेगा। प्रतियोगी को सभी खण्डों को उतीर्ण करना आवश्यक है तभी आगे के चरण के लिए कुल अंकों की गणना की जाएगी। इसके बाद ली जाने वाली वर्णनात्मक की अवधि 1 घंटा निर्धारित की गई है। यह परीक्षा भी 50 अंकों की होगी। इस परीक्षा में अंग्रेजी भाषा में पत्राचार और निबंध लिखने की प्रतियोगी की क्षमता को परखा जाएगा। उम्मीदवारों को पासिंग अंक प्राप्त करके वर्णनात्मक परीक्षा में भी योग्यता प्राप्त करनी होगी, जिसे बैंक द्वारा निर्धारित किया जाएगा। केवल उन्हीं उम्मीदवारों के वर्णनात्मक प्रश्नपत्रों का मूल्यांकन किया जाएगा जिन्होंने वस्तुनिष्ठ परीक्षा में प्रत्येक प्रश्नपत्र में पात्रता अंक प्राप्त किए होंगे और वस्तुनिष्ठ परीक्षा मंे प्राप्त कुल अंकों का भी स्तर पर्याप्त होगा।
तीसरे चरण के लिए सफल उम्मीदवारों को समूह चर्चा और साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। इस चरण में समूह चर्चा के लिए 20 अंक और साक्षात्कार के लिए 30 अंक निर्धारित किए गए हैं। इस प्रक्रिया को पूरा कर लेने के बाद अंकन किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा में प्राप्त किए गए अंकों को अंतिम चयन के लिए जोड़े जाने वाले अंकों में शामिल नहीं किया जाएगा। अंतिम चयन में केवल दूसरे और तीसरे चरण में ली जाने वाली परीक्षाओं में प्राप्त किए गए अंकों को ही जोड़ा जाएगा। परीक्षा माह जून में आयोजित होने की संभावना है।

परीक्षा की रणनीति
इस परीक्षा में भी भाग लेने के सीमित अवसर ही मिलते हैं। इसमें सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को चार, समान्य (पीडब्ल्यूडी), अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अपिव (पीडब्ल्यूडी) को भाग लने के सात अवसर मिलते हैं इसलिए अपने अवसरों का सोच समझ कर उपयोग में लेना चाहिए। यहां हम प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी की रणनीति पर बात करेंगे। इस परीक्षा में प्रश्नपत्र मे तीन खण्ड होंगे। अंग्रेजी भाषा, मात्रात्मक योग्यता और तर्कज्ञान क्षमता से क्रमशः 30, 35, 35 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न के लिए एक अंक निर्धारित होगा। अबतक की परीक्षाओं में नकरात्मक अंकन की व्यवस्था रही है, जो इस बार भी जारी रहने की उम्मीद है।

अंग्रेजी के औजार
अंग्रेजी खण्ड से सबसे कम प्रश्न पूछे जाते हैं लेकिन हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए यही सबसे बड़ी समस्या है। देखा यह गया है कि हिंदी माध्यम के छात्र इस खंड मंे अपेक्षाकृत कम अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं। इस खण्ड की तैयारी के लिए उन्हें विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इस खण्ड के ज्यादार प्रश्न रिडिंग कम्प्रेहेन्शियन, पैरा जम्बल, फिल इन द ब्लैंक्स, क्लोज टेस्ट, एरर डिटेक्शन और सिनोनिम्स/एंटोनिम्स से पूछे जाते हैं। रिडिंग कम्पेहेन्शियन सबसे ज्यादा समय लेने वाले प्रश्न होते हैं। इसकी तैयारी करने के दौरान कीवड्र्स मैथड का उपयोग करना चाहिए। पूरा कम्प्रेहेन्शियन पढ़ने की जगह पैसेज के कीवड्र्स पर नजर रखनी चाहिए। कई छात्रों के साथ समस्या होती है कि उन्हें प्रश्न पढ़ने के बाद उत्तर खोजने के लिए दोबारा पैसेज पढ़ना पढ़ता है, ऐसे छात्रों को अपनी इस कमजोरी को ताकत बनाना चाहिए और पहले पैसेज पढ़ने की जगह प्रश्न पढ़ने चाहिए ताकि समय की बचत की जा सके। पैरा जम्बल के लिए यह सोच बनी हुई है कि बिना आॅप्शन्स के इन्हें साॅल्व नहीं किया जा सकता तो आप गलत है और कहीं आप यह सोचते हैं कि इनके लिए बहुत ज्यादा वक्त चाहिए तो एक बार फिर आप गलत है। पैरा जम्बल को साॅल्व करना आसान है। इसके लिए आपको पैरा को ध्यान से पढ़कर उसके केन्द्रीय विचार को समझने की जरूरत है। शुरूआती और आखिरी के दो वाक्य चुन लेना बेहतर होता है और आप पाएंगे की बीच के वाक्य  अपनेआप व्यवस्थित हो गए हैं। आॅप्शन्स पर डिपेंड होना घातक हो सकता है, पहले पैरा व्यवस्थित कीजिए इसके बाद आॅप्शन्स की सहायता लीजिए। क्लोज टेस्ट के प्रश्नों को हल करते वक्त अपने आॅप्शन्स के परीक्षण के दौरान आप पाते हैं कि चारों आॅप्शन्स में एक आपको सबसे बेहतर लग रहा है दूसरा बेहतर के करीब लग रहा है, तीसरे को आप आजमाना चाहते हैं और चैथे को खारिज कर चुके हैं। यह आॅप्शन्स पर डिपेंड हो जाने की वजह से होता है। इस तरह के प्रश्न हो हल करने का आसान तरीका है कि शीर्षक को ध्यान से पढ़ा जाए। यह आपको मेन आइडिया के सम्बन्ध में हीन्ट दे देता है। आप्शन आजमाने से पहले और बाद में दोनो बार वाक्य को ध्यान से पढ़ना चाहिए। प्रश्नों का सटीक उत्तर देने के लिए प्रीफिक्स, सफिक्स और रूट्स का अभ्यास करनप जरूरी है। अगर आपको कोई संज्ञा रिडिंग के दौरान बार-बार पढ़ने में आती है तो ध्यान दीजिए वहीं वाक्य का मुख्य विचार है। स्पाॅटिंग एरर को अभ्यास और कुछ नियमों को याद करके हल किया जा सकता है। इसके लिए शाॅर्टकट के बजाय प्रैक्टिस पर डिपेंड हो तो ज्यादा अच्छा है। सिनोनिम्स और एंटोनिम्स को ज्यादा से ज्यादा याद करने के साथ उनकी प्रैक्टिस भी होनी चाहिए। जैसे किसी एक शब्द को वाक्य में रखने के बाद उसके ज्यादा से ज्यादा अर्थ निकालने का प्रयास कीजिए और सटीक उत्तर के साथ मिलान कीजिए। इस प्रक्रिया को बार-बार दोहराइए।

मात्रात्मक योग्यता के लिए योजना
मात्रात्मक योग्यता खण्ड से 35 प्रश्न पूछे जाएंगे। इस खण्ड के ज्यादातर प्रश्न संख्या पद्धति, श्रेणी, औसत, लाभ-हानी, प्रतिशत, काम और समय, समय, दूरी और चाल, ब्याज और समय, साझेदारी, अनुपात और समानुपात और डाटा इंटरप्रिटेशन पर आधारित होते हैं। मात्रात्मक योग्यता की तैयारी के लिए उम्मीदवार को अपनी बेसिक्स ठीक करनी चाहिए। गणना के लिए पहाड़े तीस तक याद हो तो बेहतर होगा। आकलन पेपर से ज्यादा दिमाग में होना चाहिए। इससे समय भी कम लगेगा और रफ कार्य के जगह की कमी भी नहीं होगी। अभ्यर्थी को यह याद रखना चाहिए कि रफ कार्य के लिए आॅनलाइन माध्यम में कोई स्थान नहीं मिलता है। ज्यादातर गणनाएं उसे जबानी ही करनी होगी। लगभग सभी टाॅपिक्स की शाॅर्ट ट्रिक्स होती है और अभ्यास से उन्हें कंठस्थ किया जा सकता है। मात्रात्मक योग्यता सबसे ज्यादा समय लेने वाला खण्ड होता है। परीक्षार्थी को यह बात ध्यान रखनी है कि सभी प्रश्न हल करने के लिए नहीं दिए जाते कुछ प्रश्नों की गणना जानबूझकर ऐसी रखी जाती है जो अधिक समय ले, परीक्षार्थी को ऐसे प्रश्नों को पहचान कर छोड़ देना चाहिए। यह परीक्षा आपके ज्ञान के साथ-साथ स्मार्टनेस का भी परीक्षण करती है।

तर्कज्ञान को बेहतर करने का तरीका
तर्कज्ञान क्षमता वाले खण्ड से भी 35 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें मुख्य रूप से फैमिली ट्री प्राब्लम, रक्त सम्बन्ध, निर्णय क्षमता, सीटिंग अरेंजमेंट-लीनियर और सर्कुलर, समस्या निवारण, कोड, गणितिय समस्याएं और इनपुट-आउटपुट सम्बन्धी प्रश्न पूछे जाएंगे। रक्त सम्बन्ध के प्रश्नों को ध्यान से पढ़े और वाक्य के बजाए केवल सम्बन्धों पर ध्यान केन्द्रित करें और प्रश्न को आगे से पीछे के बजाय पीछे से आगे की ओर हल करें। सीटिंग अरेंजमेंट के प्रश्नों को ध्यान से पढि़ए और आगे, पीछे, दाएं, बाएं, से पहले, के बाद में के लिए एक कोड निर्धारित कर लीजिए और इसे बार-बार अपने दिमाग में दोहराइए। इससे आपके दिमाग को एक वर्चुअल मैप बनाने की आदत पड़ जाएगी और आप सवाल को पहले की तुलना में ज्यादा तेजी से हल कर पाएंगे। समस्या निवारण के प्रश्नों का उत्तर देते वक्त हमेशा आदर्श और नैतिकता को सर्वोपरी रखिए। व्यवहारिकता को थोड़ी देर के लिए किनारे रख दीजिए।
इस परीक्षा की तैयारी के लिए आपको किताब काॅपी से आगे जाकर कम्प्यूटर की सहायता लेनी होगी। यह परीक्षा आॅनलाइन आयोजित की जाएगी इसलिए जरूरी है कि आपको इसका सामना करने के लिए आॅनलाइन माॅक टेस्ट का अनुभव हो। एसबीआई की इस परीक्षा के लिए ढेरों साइट्स निशुल्क या नाममात्र के शुल्क पर माॅक टेस्ट का मौका देती है। ऐेसे टेस्ट ज्वाइन कर लेना ठीक रहता है। इस परीक्षा में सफलता के लिए आपको अपनी दिमाग की खिडकिया खुली रखनी होगा। ढेर सारा अभ्यास और स्मार्ट स्टडी का काॅम्बीनेशन आपके लिए सफलता का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। आपकी सफलता न सिर्फ आपको एक बेहतरीन करिअर देगी बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में सहयोग देने का अवसर भी मुहैया करवाएगी।
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